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आदिशक्ति की वास्तविक पूजा

Pradeep Mukherjee

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नवरात्रि केवल
        
                                                    
                            
है नहीं पर्व
देवी की उपासना का
बल्कि है आत्मशुद्धि, साधना
और शक्ति के जागरण का
महापर्व भी
नवरात्रि में है
कन्या पूजन की
परंपरा भी
लकिन है इसकी
सार्थकता तभी
जब हमारे समाज की
प्रत्येक बालिका को मिले
सामान अधिकार, सम्मान
और सुरक्षित वातावरण
बेशक नवरात्रि है एक
धार्मिक अनुष्ठान
लेकिन धर्म का अर्थ
केवल पूजा-पाठ नहीं
बल्कि सत्य, करुणा
सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का
आधार जीवम का
बनाने का भी है
यही आदिशक्ति की
वास्तविक पूजा है।
1 सप्ताह पहले
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