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हृदय की गहराई लक लिखों

Powari Bhasha

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                            सावन पर कविता लिखों।
        
                                                    
                            
या वसंत पर गीत लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

बाढ़ की विपदा पर लिखों।
या बचाव कार्य पर लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

राष्ट्र की विदेश नीति लिखों।
या राष्ट्र की सुरक्षा पर लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

राजकारण का डाव लिखों।
या आपलो मन का घाव लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

मन ला सुकून देये असों लिखों।
या नगरों को शोरगुल पर लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

सर्वधर्म समभाव पर लिखों।
या धर्म-निरपेक्षता पर लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

मनोहारी महाकाव्य लिखों।
या सुंदर खंडकाव्य लिखों।
भाषा वैभव बढ़ावन साती,
हृदय की गहराई लक लिखों।।

-ओ सी पटले
एक महीने पहले
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