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रेशम की कच्ची डोरी में पक्का सा इक विश्वास है

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भाई-बहन का रिश्ता हर रिश्ते से होता ख़ास है
        
                                                    
                            
रेशम की कच्ची डोरी में पक्का सा इक विश्वास है

कच्ची सी डोरी में है ताकत लोहे की ज़ंज़ीर सी
भाई कुशल मंगल रहे करती बहन ये आस है

भाई बहन से दूर हो कितना भी चाहे क्यूँ नहीं
दिल के दरीचों से वो रहता तो बहन के पास है

बचपन की वो नटखट शरारत याद आती है सदा
फिर ज़िंदगी में लौट आता जैसे वो एहसास है

रक्षा के बंधन ने सिखाया प्यार का मतलब हमें
भाई-बहन गर साथ हो तो ज़िंदगी उल्लास है

भाई बहन के प्यार की डोरी सदा बंधी रहे
जिसके लिए करती बहन प्रभू से भी अरदास है
एक महीने पहले
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Prasoon Saxena

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