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गले लगकर सनम इक बार तुमसे हमको रोना है

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गले लगकर सनम इक बार तुमसे हमको रोना है
        
                                                    
                            
सितम कर ले तू चाहे जितने हमको तेरा होना है

बहुत कुछ खोया हमने ज़िंदगी में तुमको खो कर के
नहीं अब तुमको खो कर ज़िंदगी में कुछ भी खोना है

तुम्हारी ही तरह इस दर्द में डूबे हैं हम भी तो
ख़ताएँ बख़्श हमको, बोझ अब ग़म का न ढोना है

बड़ी मुश्किल से मिलता है जहां में कोई चारागर
हमें अश्क़ों से इक दूजे के घावों को भी धोना है

मेरे ग़म की ये इक लौ सीने में तेरे भी जलती  है
तेरे ग़म से नहीं खाली मिरे दिल का भी कोना है

गिले शिकवे मिटा कर अब गले लग जाओ 'पारुल' से
नहीं हमको तो अब नफ़रत के इन बीजों को बोना है
3 महीने पहले
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