विज्ञापन

दुनिया ने तो देखी, खाली तेरी झूठी पारसाई

Parul Bhaktani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जानकर सच, दिल मेरा अब देता है,अंतिम विदाई
        
                                                    
                            
दूर तुमसे हो गए, इसमें ही थी मेरी भलाई

वासना की ज्वाला को, कैसे मोहब्बत कहता कोई
प्यार के बदले तू ने, हमसे की कितनी बे-हयाई

प्यार का झूठा दिलासा, तुमने हमको क्यूँ दिया था
जब तेरे मन में भरी थी, दुनिया की सारी बुराई

तुमने शर्मिंदा किया है, इस मोहब्बत नाम को भी
चाहने से भी नहीं मिलती है, सबको ये ख़ुदाई

तौबा कर ली है, मोहब्बत नाम से भी, हमने अब तो
हो मुबारक तुमको, तेरी ऐसी दूषित आश्नाई

नाज़ था जिस दोस्ती पर, आज शर्मिंदा है 'पारुल'
दुनिया ने तो देखी, खाली तेरी झूठी पारसाई
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3565 कविताएं

View Profile