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सफ़र आसान है

प्रदीप पाण्डेय

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर इक सफ़र आसान है,
        
                                                    
                            
हाँ तू जो मेहरबान है।

जो प्यार ठुकरा कर गये,
ये मान लो नादान हैं।

समझे यहाँ जो दर्द को,
सच में वही इंसान है।

मासूम का हक़ छीन ले,
दाता नहीं हैवान है।

दुश्वारियाँ हों चाहे जो
रखवाला तो भगवान है।
- प्रदीप बहराइची
3 महीने पहले
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