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तिलमिला उठते हैं

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तिलमिला उठते हैं जब अपने पर बात आती है,
        
                                                    
                            
वरना औरों को तो बात बना ही देते हैं।
आसान होता है दूसरों पर उंगली उठाना,
अपनी बारी आती है तो बोलती बंद हो जाती है
-चंद्र दत्त शर्मा
एक महीने पहले
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