सावन के महीने में भक्ति चरम पर थी,
सबसे तेज निगाह अपने धरम पर थी।
आस्था से पैर कहीं डिग मिगा न जाएं,
अपनी मेहनत की निगाह करम पर थी।
-चंद्र दत्त शर्मा