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मंजिले तो बहुत हैं

Pandit Chandradutt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मंजिले तो बहुत हैं,
        
                                                    
                            
पर कोई सच्चा मुसाफ़िर नहीं,
यदि मिल जाएं,
तो मंज़िलें आसान हो जाती हैं।
-चंद्र दत्त शर्मा
4 दिन पहले
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