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अपने दुश्मनों का भी हम

Om Gopal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने दुश्मनों का भी हम एहतराम करते हैं।
        
                                                    
                            
जिनकी बदौलत ज़हां में अपना नाम करते हैं।

अच्छाई करने वालों को ज़हां में कौन पूछता है।
इसलिए गाहे-बगाहे ज़ुर्म सरे-आम करते हैं।

दिल तड़पता रहता है मगर हम उफ़ नहीं करते।
ख़ुदा ने सोंपा है हमें जो हम वो काम करते हैं।

ये सच है वक़्त ने हमेशा बेवफाई की हमसे
बीते वक़्त को फिर भी हम सलाम करते हैं।
 
3 महीने पहले
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