कविता : लालच....
पागल आदमी क्या क्या नहीं
करता कुछ पाने के लिए
वो जिंदगी भर बटोरता हर चीज,
एक दिन मर जाने के लिए
लालच एक
बुरी बला है
इस से किसी का
नहीं भला है
इस से किसी का
नहीं भला है.......