विज्ञापन

कविता : कसम से....

Netra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कविता : कसम से...
        
                                                    
                            
तुम एक फूल
सुंदर खिली हो
बहुत मुश्किल
से तुम मिली हो

किसी से दिल
लगाना नहीं
मुझे छोड़ कहीं
भी जाना नहीं

अगर मुझे छोड़ तुम
गई, कहां जाऊंगा ?
कसम से मैं तो जिंदा
नहीं रह पाऊंगा
कसम से मैं तो जिंदा
नहीं रह पाऊंगा.......

 
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

User

26 कविताएं

View Profile

Sudhir Khatri

562 कविताएं

View Profile