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हमारे भी हुज़रे शमशान में है हमारा काग क्या करेगा

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो मिटा ना सके हमें इस जहां से वो दाग क्या करेगा
        
                                                    
                            
हम भी सपेरे हैं पुश्तैनी बाबा हमारा नाग क्या करेगा

हम खोकर आए हैं सब कुछ अब पाने की चाह नहीं
हमने ठोकर मारी है अमीरी को हमारा भाग क्या करेगा

हम भस्म लगा कर सोते हैं भक्त जो ठहरे भोले के
हमारे भी हुज़रे शमशान में है हमारा काग क्या करेगा

यकीन मानो हम ही वज़ीर ए आजम है अंधेरों के
हम नजर नहीं आते दिन में तो चिराग क्या करेगा
-नीटू मावी
1 सप्ताह पहले
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