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शिकवा ए खुदा

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गर मुलाकात हुई खुदा से तो शिकायत जरूर करेंगे
        
                                                    
                            
समझे तो सही खुदा को,फिर इबादत जरूर करेंगे

के किसी के हाथ लगा है अमृत
किसी के नसीब में भी नहीं शर्बत

कोई मोहताज़ हुआ है दाने को
एक निवाला भी नहीं खाने को

कहीं सड़ता भंडारण दुकानों में
जन्नत का नज़ारा मकानों में

किसी को नसीब नहीं समशान भी
कोई नाप गया आसमान भी

कोई कहता है अब यहां न्याय नहीं
सुना है भगवान के घर अन्याय नहीं

जिसके पास कायनात है सारी
उसी के घर बरसात है भारी

करनी है इबादत तो दाम की करो
छोड़ो चर्चा,बात कुछ काम की करो

नीटू मावी
2 महीने पहले
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