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मावी के तराने मार जाते है

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब समय हो खोटा मानस का
        
                                                    
                            
तो लोग तानें मार जाते है

ना अपना भी कोई साथ देता
बस बहाने मार जाते है

अपनों ने लूटा कुछ गैरों ने लूटा
बाकी महंगाई के जमाने मार जाते है

कब तक छुपाऊं मैं ज़ख्मो के निशां को
कभी नए तो कभी पुराने मार जाते है

यहां जितने मुंह है उतनी ही बातें
आधी हकीकत तो आधे फ़साने मार जाते है

बचता हूं इस जंगल में शिकारी बहुत है
कहीं पर तीर तो कहीं पर निशाने मार जाते है

मोहब्बत ए गम से उबर जायें लेकिन
हमें तो मावी साहब के तराने मार जाते है
-नीटू मावी
2 महीने पहले
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