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दिल की तड़प

neetu Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            के बिछड़ा हुआ मेरा यार मिल जाए
        
                                                    
                            
तड़पते दिल को करार मिल जाए

ये तपती दुपहरी जेठ का महीना
पहली ही बारिश में बहार मिल जाए

मिल गया तू अगर तो संसार मिल जाए
उम्र सारी ना मिले पर घड़ी दो चार मिल जाए

वो भी बैठे हों काश हमसे मिलने की आस में
बस ऐसा ही कोई एक समाचार मिल जाए

वर्षों बाद बस एक एतबार मिल जाए
भरोसा हो पक्का कभी बेकार मिल जाए

फिर तुम्हारे बाद ये दिल कहीं लगता ही नहीं
हर रोज चाहे दोस्त हजार मिल जाए

बस एक बार जीवन का सार मिल जाए
एक दूजे को जोड़ दे कोई तार मिल जाए

मैं यूं ही अचानक कहीं राहों से गुजरूं
कहीं होती मेरे यार की तकरार मिल जाए
-नीटू मावी
2 महीने पहले
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