विज्ञापन

एजेंडा बड़ा है।

Neet Biology

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            देश मे होजाये अराजक अवस्था,एजेंडा बड़ा है।
        
                                                    
                            
अव्यवस्था की बनी रहे व्यवस्था ,एजेंडा बड़ा है।
'पालतु'तुम्हारे भी थे और 'पालतु' हमारे भी है,
गोया तुम्हारे निशाने पर है संस्था,एजेंडा बड़ा है।
तय करना पड़ेगा, देश के साथ हो या ख़िलाफ़,
तुम्हारे लफ्जों के राज सर-बस्ता,एजेंडा बड़ा है।
'गोएबल्स' सत्य के इश्तहारों मे दिखने लगा है,
बाज़ार मे झूठे सच की नई प्रथा, एजेंडा बड़ा है।
चेहरे पर शिकन है, झुर्रियां भी छिप नही रही,
दहाड़ मे लिपटी है भीतरी व्यथा, एजेंडा बड़ा है।
-जयंत दिक्षित
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

771 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10784 कविताएं

View Profile