नाराज फूफा और नाराज होता है।
तभी संविधान काआगाज होता है।
पहले सड़कों पर रायता फैलता है,
फिर संसद मे काम काज होता है।
हवाई चप्पले ढंक देती है करीने से,
सपने मे जो हवाई जहाज होता है।
यु ही नहीं पनपता जज्बा सेवा का,
लूटेरो मे भी अलग अंदाज होता है।
बारी-बारी से मुझे रुलाने वालो मे,
कभी शक्कर,क़भी प्याज़ होता है।