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वक़्त कहाँ है

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            साथ निभाने केलिए भी समय कम है खिलाफ़त केलिए वक़्त ही कहाँ है!
        
                                                    
                            
हमारे पास मुहब्बत केलिए भी वक़्त नहीं नफ़रत केलिए वक़्त ही कहाँ है!
-एन. आर. कस्वाँ
6 दिन पहले
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