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नायाब शय

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब अपना पल्लू झाड़ने को बेताब हैं
        
                                                    
                            
ये कह कर कि ज़माना बड़ा ख़राब है!

अपने ऐब ओ नुक्स कोई नहीं देखता
इन्सान भी क़ुदरत की शय नायाब है!
-एन.आर. कस्वाँ
1 सप्ताह पहले
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