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ख़ामोशियां

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रंज-ओ-मलाल में ही हयात के हालात-ए-हाल का पता चलता है
        
                                                    
                            
किसीके हिज़्रो-फ़िराक़ में उसके वस्लो-विसाल का पता चलता है!

जिस बात का ज़ुबाँ से बोल कर कहने से पता ना चल सके अगर
फिर ख़ामोशियों के शोर से उस बात के कमाल का पता चलता है!
 
1 सप्ताह पहले
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