विज्ञापन

ज़िंदगी का पेचो-ख़म देखा

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक़्त को हर वक़्त बेरहम देखा
        
                                                    
                            
तन-मन पर उम्रका सितम देखा,
पल- पल बदलते हुए रंग- रूप
ज़िन्दगी का पेच-ओ-ख़म देखा!
-एन आर कस्वाँ
4 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Deepak Sharma

24 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12492 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10362 कविताएं

View Profile