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हरबात अचछी लगती

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उजाले सारे ऐसे लेगया कोई हमारी हयात से
        
                                                    
                            
गायब हो गया हो आफ्ताब जैसे क़ायनात से
हर वक़्त अच्छा लगता हरबात अच्छी लगती
अब कोई फ़र्क नहीं पड़ता किसी की बात से
-एन आर कस्वाँ
एक दिन पहले
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