विज्ञापन

वक्त उतना खराब नहीं धा जितना किस्मत खराब थी

Naik prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक्त उतना खराब नहीं धा जितना किस्मत खराब थी
        
                                                    
                            
खुशनुमा दिन अपने मोहब्बत के सोहबत में बीत रही थी
वक्त खुशनुमा था, मोहब्बत परवान चढ़ रही थी
उसी वक्त मेरी मोहब्बत- ए -परी आसमां में उड़ रही थी
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile