विज्ञापन

माँ मेरी पहचान

mursaleen fatma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ ही जीवन की पहली मुस्कान है,
        
                                                    
                            
माँ ही मेरी सबसे बड़ी पहचान है।
हर साँस में जिसकी ममता का मान है,
सच पूछो तो माँ ही मेरी शान है।

मैं सिर हूँ तो माँ मेरा ताज है,
मेरे हर सपने का वह आगाज़ है।
मैं धनुष हूँ तो माँ मेरी तीर है,
डर की राहों में वही मेरी वीर है।

मैं दिल हूँ तो माँ मेरी जान है,
हर जीत का सबसे बड़ा सम्मान है।

मेरी हर ठोकर को हँसकर सह जाती है,
अपने आँसू मुझसे सदा छुपाती है।
मेरे दर्द को अपना दर्द बना लेती है,
अपनी हर खुशी मुझ पर लुटा देती है।

अपने ग़म की धूप स्वयं सह जाती है,
मेरे जीवन में खुशियों की छाँव बिछाती है।
माँ ने जीवन का अनुपम उपहार दिया,
ममता का अनमोल संसार दिया।

बदले में उसने कुछ भी नहीं माँगा,
बस मेरा उज्ज्वल कल ही चाहा।
उसके ऋण का मूल्य कहाँ चुक पाएँगे,
जीवन भर भी उसे न चुका पाएँगे।

हर जन्म में बस इतना अरमान रहे—
तेरे चरणों में ही मेरा सम्मान रहे।
माँ, तू मेरी शक्ति, तू मेरा अभिमान है,
तुझसे ही मेरा हर अरमान है।
तेरे बिना जीवन अधूरा, वीरान है,

माँ, तू ही मेरी शान है,
तू ही मेरी पहचान है।
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

13466 कविताएं

View Profile

Dr fouzia

6957 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7504 कविताएं

View Profile