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हम भारत की संतानें हैं

Matruchhaya -

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज धरा पर ममता समता
        
                                                    
                            
और प्यार की गंध चाहिए।
रक्षा करें देश के युवजन
जनगण की समृद्धि चाहिए।
सब धर्मों को जोड़ सकें
बलशाली ऐसे हस्त चाहिए।
सबको गले लगाने वाले
बापू के इस धरा धाम पर
नव प्रकाश चहुं ओर चाहिए।
भगत सिंह नेताजी जैसे
वीर बांकुरे हमें चाहिए।
खिलें पुष्प गूंजें किलकारी
भारत के आंगन में
उन्नति की हों नवल रश्मियां
उठता भारत हमें चाहिए।
मस्तक चौड़े ऊंची छाती
हमें चाहिए हमें चाहिए।
हम भारत की संतानों में
राष्ट्रप्रेम अविराम चाहिए
राष्ट्रप्रेम अविराम चाहिए।।
हम भारत की संतानें हैं
डॉ श्यामबाबू शर्मा
आज धरा पर ममता समता
और प्यार की गंध चाहिए।
रक्षा करें देश के युवजन
जनगण की समृद्धि चाहिए।
सब धर्मों को जोड़ सकें
बलशाली ऐसे हस्त चाहिए।
सबको गले लगाने वाले
बापू के इस धरा धाम पर
नव प्रकाश चहुं ओर चाहिए।
भगत सिंह नेताजी जैसे
वीर बांकुरे हमें चाहिए।
खिलें पुष्प गूंजें किलकारी
भारत के आंगन में
उन्नति की हों नवल रश्मियां
उठता भारत हमें चाहिए।
मस्तक चौड़े ऊंची छाती
हमें चाहिए हमें चाहिए।
हम भारत की संतानों में
राष्ट्रप्रेम अविराम चाहिए
राष्ट्रप्रेम अविराम चाहिए।।
2 महीने पहले
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