विज्ञापन

प्राची का दर

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्राची के दर पर
        
                                                    
                            
भोर की दस्तक है
रवि ने दमकाया
अंधकार का मस्तक है

दरिया के पानी में
लहरें बनी नर्तक है
जीवन हुआ चलायमान
प्रकृति का करतब है।
-मं शर्मा 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7504 कविताएं

View Profile