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मुरली की तान

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सिंदूरी सी भोर है
        
                                                    
                            
सुरमई सी शाम
मन की आँखों में बसी
तेरी छवि अभिराम

मुरली की तान में
रम गए प्राण
कानन की गली छोड़
कित जाऊँ श्याम।
-मं शर्मा 
3 महीने पहले
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