विज्ञापन

खुशबू ही खुशबू

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हवाओं में समाई
        
                                                    
                            
फूलों की खुशबू
प्रेम रस में पगे
शब्दों की खुशबू

सावन की ठंडी
बौछार की खुशबू
नम मिट्टी से उठती
सौंधी सी खुशबू

माँ की रसोई के
पकवान की खुशबू
ममता की शीतल
छाँव की खुशबू

कण कण में बसी
जीवन की खुशबू
जितनी चाहे पा ले
तू जीवन में खुशबू।
-मं शर्मा
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10852 कविताएं

View Profile