विज्ञापन

खुशबू

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिवालय में अर्पित फूल हों कि
        
                                                    
                            
गजरों में महकती हुई खुशबू
जहाँ भी रहूँ दिलों को छू जाऊँ
खिलूँ कि मुरझाऊँ फूल कहलाऊँ।
-मं शर्मा 
4 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamal jha

90 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10985 कविताएं

View Profile