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ना कोई अपना ना पराया था

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना कोई अपना ना पराया था
        
                                                    
                            
बस नज़र का एक धोखा था
अपने भीतर झाँक कर देखा
मन का एक झरोखा बंद था।
-मं शर्मा
3 महीने पहले
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