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अस्तित्व

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कर्मों से है अस्तित्व सभी का
        
                                                    
                            
तुम ही बेखबर हो हुआ करो

गहरी हैं जड़ें अस्तित्व की मेरे
तुम दर-बदर हुए हो हुआ करो

बेशकीमती है कुछतो मुझमेंभी
तुम मंहगे हुए हो हुआ करो ।
-मं शर्मा
एक महीने पहले
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