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भूख के ही निमित्त

Manish Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मीलों की यात्रा
        
                                                    
                            
भूख के ही निमित्त
मनुष्य ने तय की
नग्न वेश से
अत्याधुनिक परिधानों तक
जीवन के जय की
सहज ढंग से
विशिष्ट उपागमों तक
संगीतमय लय की
बिखरे केश से
सुसज्जित प्रतिमानों तक
आग की खोज से
तकनीकी विकास तक
मोबाइलमय विश्व की
भूख के ही निमित्त
मनुष्य ने तय की
-मनीष कुमार श्रीवास्तव 'प्रकाश श्री'
 
2 महीने पहले
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