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पहला प्यार खोने के बाद

manas kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहला प्यार खोने के बाद |
        
                                                    
                            

पहला प्यार खोने के बाद
समझ में आया—
हर बिछड़ना शोर नहीं करता,
कुछ विदाइयाँ
आँखों की नमी में
चुपचाप उतर जाती हैं।

वह चला गया,
पर उसकी आहट
अब भी मेरे मन की सीढ़ियों पर
धीरे-धीरे उतरती है।

उसके बाद
बारिश की हर बूँद में
एक अधूरी कहानी सुनाई देती है,
शाम का हर धुँधलका
जैसे किसी प्रतीक्षा का
अधूरा पत्र बन जाता है।

कहते हैं,
समय हर घाव भर देता है;
शायद सच हो,
पर कुछ घाव
भरने के लिए नहीं,
हमें बदल देने के लिए होते हैं।

पहला प्यार
मिलन का वादा नहीं,
संवेदनाओं का पहला पाठ होता है।
वह सिखाता है—
किसी को पाना प्रेम नहीं,
किसी की खुशियों के लिए
अपने हिस्से का दुःख स्वीकार करना भी प्रेम है।

आज वह
किसी और की दुनिया का उजाला है,
और मैं—
उसकी स्मृतियों का
एक शांत प्रहरी।

अब न कोई शिकायत है,
न कोई प्रश्न।
बस कभी-कभी
हवा का एक झोंका
उसका नाम छू जाता है,
और मैं मुस्कुरा देता हूँ—
जैसे कोई पुराना गीत
अचानक फिर से सुनाई दे।

पहला प्यार कभी समाप्त नहीं होता,
वह बस
जीवन की पुस्तक का
एक ऐसा अध्याय बन जाता है,
जिसे हम बंद तो कर देते हैं,
पर उम्र भर
भूल नहीं पाते।
3 महीने पहले
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