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मैं कुछ नहीं कहूँगा

Mahesh Rautela

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं कुछ नहीं कहूँगा तुमसे
        
                                                    
                            
प्यार के बारे में
क्योंकि वह शब्दों में नहीं,
आत्मा में है,
कर्म में दुबका पड़ा है।
मैं नहीं कहूँगा तुमसे
साथ चलने को
सूक्ष्म-अँधेरी रात में।
नहीं कहूँगा
छाँव बैठने को
एकान्त में आने को
क्योंकि हमें साथ-साथ उत्पन्न होना है।
नहीं कहूँगा तुम्हें
सच बोलने को,
क्योंकि यह तुम्हारा पुण्य है।
आओ, गुनगुना लें
जीवन के चमत्कार को,
एकात्म होकर।
- महेश रौतेला
5 दिन पहले
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