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उन्हें इश्क़ दिया

Lalit Dadhich

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुकून लिखने से सुकून ना ले पाएं,
        
                                                    
                            
ग़म की दवा भूल गए ख़ुद से भी ना कह पाएं,

अच्छा तो ये सौदा है कि उनसे गले मिल जाते,
पर इश्क़ के चक्कर में उनकी बांहों की दौलत भी ना लें पाएं,

थोड़ा ये मौसम ही हमारे वजूद का भी आने लगे तो,
पर बातों ही बातों में उनका चेहरा तक भी ना देख पाएं,

ये घर में तुम भी अकेले ही हो तुम्हें भी एक जन को ना दें पाएं,
अपने पास भी पड़ा था इश्क़ पर आँसू आने से वो इश्क़ भी ना दें पाएं।।

- ललित दाधीच
एक महीने पहले
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