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सत्य भी उनका आदी है आदी है

Lalit Dadhich

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आ गए आ गए,
        
                                                    
                            
ये उनकी गौरी है गौरी है,
वो अघोरी है अघोरी है अघोरी है,
ये उनकी शक्ति है शक्ति है,
वो योगी है योगी है,
यहाँ समाधि है समाधि है,
वो सबके आदि है आदि हैं,
सत्य भी उनका आदी है आदी है,
आ गए आ गए,
पवित्र है सुंदर है जीवन है,
वो ही सबसे मौन है मौन,
पर उनकी भक्ति एक संग्राम है संग्राम है,
संहार है संहार है,
उनके आगे जीत भी हार है हार है,
उनके आगे हर चेहरा नग्न है नग्न है,
शून्य है शून्य है,
वो थाम ले थाम ले,
तब हर चाह का मोक्ष है मोक्ष है,
आ गए आ गए
कर्त्तव्य की वो नींव है नींव है,
वो शिव है शिव है,
आ गए आ गए।
आ गए आ गए।।

- ललित दाधीच
एक महीने पहले
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