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भटकता फिरता है मन...

Kunjan Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            काश कि मेरे साथ कोई दुर्घटना हो जाए,
        
                                                    
                            
इन जूझती साँसों का बंद आना-जाना हो जाए,
भटकता फिरता है मन बेवज़ह यहाँ से वहाँ,
बस इस जहाँ से उस जहाँ में अपना ठिकाना हो जाए।
2 सप्ताह पहले
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