विज्ञापन

प्यार की उलझन

Krishan Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्यार से प्यार नहीं
        
                                                    
                            
क्योंकि मुझे किसी से प्यार नहीं
शायद मुझे भी प्यार से प्यार होगा
जब कभी किसी से प्यार होगा
लेकिन एक सवाल मेरे मन को खाता है
और हमेशा खाता रहेगा
आज मुझे प्यार से प्यार नहीं
इसी लिए किसी से प्यार नहीं
या किसी से प्यार नहीं मुझको
इस लिए प्यार से प्यार नहीं
जब मुझे प्यार होगा शायद तो
क्या पहले प्यार से प्यार होगा
तब किसी से प्यार होगा
या पहले किसी से प्यार होगा
फिर किसी से प्यार होगा
ऐसा नहीं कि मैं हूं प्यार का दुश्मन
लेकिन प्यार में डूबे हर आशिक की हरकत
मुझको बचकाने लगते हैं।
किसी को यूं बाबू सोना बच्चा कहना
मुझको बचकाना लगता है
किसी के लिए पागल यूँ बनाना
दिन रात किसी की यादों में रहना
हर पल किसी को महसूस करना
मुझको बचकाना लगता है।
लेकिन चौंका मत कभी यदि
मैं भी ऐसी हरकते करने लग जाऊं।
मुझे किसी से प्यार नहीं
इसी लिए ये हरकतें बचकाने लगते हैं
या ऐसा भी हो सकता है कि
ये हरकते बचकाने लगते है मुझको
इस लिए मुझे किसी से प्यार नहीं।
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all