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जान ऐ सबा

Jamshed Kgn

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इन जुल्फों की बदलियों में मुझे सो जाने दो
        
                                                    
                            
आज सारे रंज ओ ग़म मुझे भूल जाने दो

अपने लबों को आज एक तकल्लुफ़ दो
जो भी सोचा है बस आज कह जाने दो

अपनी आँखों में रखो बस मुझे बसा कर
आने जाने वालों को बस आने जाने दो

अपने आँचल से रखो तुम मुझे बाँध कर
जाना चाहूँ मैं कहीं तुम ना जाने दो

मेरे दिल में तुम रहो तेरे दिल में रहूँ मैं
मकान नहीं है अगर तो घर बन जाने दो

आ मैं तुझे जावेदाँ प्यार करूँ
वक़्त गुज़रता है अगर तो गुज़र जाने दो
-नूर हसन
3 महीने पहले
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