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अगर तुम ना होती

Jamshed Kgn

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर तुम ना होती तो मैं बिखर गया होता
        
                                                    
                            
ग़म -ए- दरिया में डूब के मर गया होता

अपने प्यार से तुमने मेरा दामन भर दिया
वरना इस ग़म -ए- दौरा में मैं गुजर गया होता

तेरी वफ़ाओ ने ही निखारा है मुझे
जाने मैं कबका ख़ाक बसर हो गया होता

तुम आ गई तो नूर की चाह बड़ी फिर जी लेने की
तुम ना होती साएबा तो मैं उजालों से डर गया होता

 
4 दिन पहले
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