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जान को जान से जान का

Jagdish chandra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जान को जान से जान का ख़तरा होता है,
        
                                                    
                            
जब जान को जान से प्यार एकतरफ़ा होता है।

कहने को तो हर कोई इश्क़ में सच्चा होता है,
राज़ खोल दो, फिर देखो कौन किसका होता है।

शादी के नाम से मंगेतर अब, इतने डरने लगे,
नज़र बचाकर नज़र का भी पहरा होता है।

शादी के बाद वादे फिर कहाँ याद होते हैं,
इश्क़ आसान नहीं, बस दूर से अच्छा होता है।

बड़ी लंबी हो सकती है कुँवारों की फ़ेहरिस्त,
बेवफ़ाई का असर ही, अक्सर गहरा होता है।
2 महीने पहले
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