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समझदार बनकर जाना ये

Ipsita Bhadauria

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी कभी कुछ ना भी करना , बेकारी नही होती ।
        
                                                    
                            
यूं ही बस सब कुछ कह देना ही , दुनियादारी नही होती ।
कभी कभी गलती करना भी ठीक है , ये नादानी होती है , मनमानी नही होती
समझदार बनकर जाना ये , बहुत समझदार बनना भी समझदारी नही होती ।।
एक महीने पहले
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