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जग बीच हवैं गुरुदे

Indra Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ई जग बीच हवैं गुरुदेव सबै दुख मोर पुकार सुनैया।
        
                                                    
                            
ज्ञान बतावत भेद मिटावत है हिय का तम दूरि करैया।
प्रेम करौ सब जीवन ते तब ही मिलिहैं बस राम खिवैया।
तारनहार वही सबके भवसागर पार लगावत नैया।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
3 महीने पहले
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