विज्ञापन

संस्कृति का पावन फूल हैं हिन्दी

Historian 0.C.

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सनातन संस्कृति का
        
                                                    
                            
एक पावन फूल हैं हिन्दी।
राष्ट्रीय एकता का
एक सशक्त पूल हैं हिन्दी।।

अनेक उपभाषाओं के
समूह की प्रमुख हैं हिन्दी।
शब्दकोश से उपभाषाओं को
समृद्ध करती राष्ट्रभाषा हैं हिन्दी।।

भारतवर्ष के माटी की
परम् पावन धूल हैं हिन्दी।
भारत के एकता को
बढ़ाने वाली मूल हैं हिन्दी।।

देवभाषा संस्कृत का
परम् पावन अंश हैं हिन्दी।
प्राचीन देवभाषा का
परम् पावन वंश हैं हिन्दी।।

देवभाषा संस्कृत की
पावन उत्तराधिकारी हैं हिन्दी।
धर्म को धारण करने से
भाषा परम् संस्कारी है हिन्दी।।

संस्कृत के शब्दकोष से
समृद्ध हुई है हमारी हिन्दी।
अपनी उपभाषाओं को
समृद्ध करती है हमारी हिन्दी।।

-ओ सी पटले
1 सप्ताह पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

787 कविताएं

View Profile

Ejaz Ahamad

122 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10808 कविताएं

View Profile