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सड़क की हालत यहाँ इतनी ख़राब हो गई

Gyaneshwar Anand

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                            सड़क की हालत यहाँ इतनी ख़राब हो गई,
        
                                                    
                            
राह पर चलना भी अब जैसे अज़ाब हो गई।

गड्ढों में डूबे हुए हैं शहर के रास्ते,
देखकर सूरत सड़क की हर नज़र आब हो गई।

बारिशों ने खोल दी निर्माण की सारी पोल,
एक बरसात में सारी बात बेनक़ाब हो गई।

गडकरी जी, अब ज़रा सड़कों की हालत देखिए,
जनता की मुश्किल भी अब तो बेहिसाब हो गई।

काग़ज़ों पर रोज़ बनती हैं सड़कें शानदार,
ज़मीन पर आकर मगर हर राह ख़राब हो गई।

‘ज्ञानेश’ अब सिर्फ़ वादों से न होगा कुछ हासिल,
काम की बारी आई तो बात फिर ख़राब हो गई।
 
3 सप्ताह पहले
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