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मेरे साथ में तुम्हारा

Fanindra Dev

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे साथ में तुम्हारा ये बर्ताव ठीक नहीं है
        
                                                    
                            
इश्क़ में मेरे दिल से ये भेदभाव ठीक नहीं है
हाँ मैं जानता हूँ मेरा तुमसे ये लगाव ठीक नहीं है
पर क्या करूँ तुम्हारे बैगर जो है वो बिखराव ठीक नहीं है
हर इक लम्हे का इस तरह से ठहराव ठीक नहीं है
इतने तुम्हें सोचता हूँ मगर तुम्हारा
सच कहूँ तो ये ताव ठीक नहीं है
फिर खुदको भी दिलाता हूँ दिलाशा
की छोड़ ऐ दिल इतना तनाव ठीक नहीं है
उसे ना दे तू इतना भाव ठीक नहीं है
मेरी आँखें ये कह रही हैं
की उस शख़्स का हाव भाव ठीक नहीं है
एक महीने पहले
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