विज्ञापन

आवत ही पिय की सुधि मो

Drx Santosh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आवत ही पिय की सुधि मो, अँसुवान सों भींजि गयो अँचरा।
        
                                                    
                            
बासर-नैन बिलोकत बाट, कहौ अब कासन सों दुखरा॥
कान्ह बिना हिय सालत है अति, सूखि गयो रस को गगरा।
पीर महा तिय की लखि के, अँसुवा बरसै जिमि मेघ-धरा॥
- सन्तोष कुमार शुक्ला 'सार्थक'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all