विज्ञापन

मेरा भारत महान

Dr.Ravindra H.

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारत, मेरा भारत महान।
        
                                                    
                            
भारत, मेरा भारत महान।।

एक ओर हिमालय सा प्रहरी,
तिहूँ ओर जलधि घेरे अपार,
गंगा यमुना का शुभ्र नीर,
पावन करता, जिसके विकार।

सूरज सबसे पहले आकर,
नित करता है, जिसको प्रणाम।।
भारत, मेरा भारत महान।।

है सस्य- श्यामला यह धरणी,
जननी है, यही सपूतों की,
हर धर्म, यहीं बसता सहर्ष,
खुदतीं हैं, कब्र कपूतों की।

हम एक-धर्म, हम एक-राष्ट्र
हम नव-भारत के नौजवान।।
भारत, मेरा भारत महान।।

हम शिबी- दधीचि के हैं वंशज,
हम सत्य-अहिंसा अनुयाई,
रिपू-दल पर यम बन टूट पड़े,
जब-जब आया कोई अन्यायी।

हम शांति-दूत कहता जाता,
लहराता भारत का निशान।।
भारत, मेरा भारत महान।।

एक सत्य अस्त्र, एक मित्र-भाव,
छल-बल लालच है अनदेखा,
मित्रों पर प्राण लुटाना ही,
हमने पुरखों से है सीखा।

जर्जर इतिहास के पन्ने भी,
दे जाएंगे इसका प्रमाण।।
भारत, मेरा भारत महान।।

भारत है, प्रतिभा का सागर,
मेहनतकस सब रहिवासी हैं,
हम जग-नेता भी बन जाते,
पर अपनी भूल जरा सी है।

संतति-नियमन हो मूल-मंत्र,
यदि पाना है गौरवी मान।।
भारत, मेरा भारत महान।।
भारत, मेरा भारत महान।।
-रवींद्र 'गुंजन'
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7473 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

13403 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

13 कविताएं

View Profile

Nathuram Kaswan

8779 कविताएं

View Profile