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सब प्रतीक्षा में ही हैं।

Dr BKS Sanjay

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रतीक्षा करो,
        
                                                    
                            
परिधि में रहो।
कल की प्रतीक्षा करो,
फल की प्रतीक्षा करो।

जैसा कि
नोबेल पुरस्कार विजेता
अमेरिकी-अंग्रेज़ी कवि
टी. एस. इलियट ने भी कहा है-
विश्वास, प्यार और उम्मीद,
सब प्रतीक्षा में ही हैं।

पर तुम हो कि
बिना सोचे-समझे
इस विचार के लिए
तैयार ही नहीं।

प्रतीक्षा करो,
परिधि में रहो।
कल की प्रतीक्षा करो,
फल की प्रतीक्षा करो।
2 महीने पहले
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